Free DeliveryFast & Reliable Shipping
7 Days Easy ReturnsShop With Confidence
Money Back GuaranteePurchase Protection
Secure PaymentsSafe & Secure Checkout
उत्पाद जानकारी पर जाएं
1 का 7

सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच – 9 और 12 मुखी नेपाली रुद्राक्ष

सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच – 9 और 12 मुखी नेपाली रुद्राक्ष

नियमित रूप से मूल्य Rs. 11,100.00
नियमित रूप से मूल्य Rs. 11,500.00 विक्रय कीमत Rs. 11,100.00
बिक्री बिक गया
शिपिंग की गणना चेकआउट पर की जाएगी।
अपना क्राफ़्ट चुनें
  •  🙏 Partial COD Available: Pay just 10% in advance and the remaining amount at delivery. 
  •  💫 Prepaid orders get 10% OFF as a special benefit. 

🎁 Your Cart, Your Blessing

The More You Shop, The More You Receive 🙏

🙏
₹500+
5 Mukhi Rudraksha
FREE
✨
₹3,000+
5 Mukhi Rudraksha + Dhan Yog Bracelet
FREE
🙏
₹5,000+
5 Mukhi Rudraksha + 7 Mukhi Rudraksha
FREE
🌟
₹10,000+
5 Mukhi + 7 Mukhi + Dhan Yog Bracelet
FREE

🙏 The higher your cart value, the more special your gift.

Please Note: Product images are for representation purposes only. As each piece is unique, the actual product may vary slightly in size, shape, color, or appearance. The product delivered will match the specifications mentioned above. 

RudraGram के सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच के साथ अपनी दिशा पुनः प्राप्त करें। यह कवच केतु द्वारा शासित 9 मुखी रुद्राक्ष और सूर्य द्वारा शासित 12 मुखी रुद्राक्ष को एक साथ लाता है — जो उस छाया ग्रह को शांत करता है जो महत्वाकांक्षा को कम करता है, साथ ही सूर्य के आत्मविश्वास, उद्देश्य और उपस्थिति को पुनर्स्थापित करता है। इसे पारंपरिक रूप से वे लोग पहनते हैं जिनकी जन्म कुंडली में ग्रहण दोष होता है, जो तब बनता है जब केतु सूर्य के साथ बैठता है।

इस कवच का प्रत्येक मनका 100% मूल और लैब प्रमाणित है, जिसे सीधे नेपाल से प्राप्त किया गया है — जो गहरे और स्पष्ट रूप से अलग मुखी रेखाओं वाले बड़े मनकों के लिए सबसे अधिक मूल्यवान स्रोत है — यह हमारे रुद्राक्ष और कवच संग्रहों में पाए जाने वाले वास्तविक और शुद्ध सामग्री के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

सूर्य-केतु ग्रहण दोष क्या है?

वैदिक ज्योतिष में, ग्रहण दोष तब बनता है जब कोई छाया ग्रह जन्म कुंडली में सूर्य के साथ बैठता है या उसे निकटता से प्रभावित करता है। जब वह छाया ग्रह केतु होता है, तो इसका प्रभाव भ्रम से कम और विरक्ति से अधिक होता है — सूर्य का प्रकाश धुंधला नहीं होता, बल्कि चुपचाप खींच लिया जाता है।

चूंकि सूर्य स्वयं, आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा, अधिकार और पिता का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह स्थिति पारंपरिक रूप से निम्नलिखित से जुड़ी है:

  • सक्षम होने के बावजूद दिशाहीन होने की निरंतर भावना
  • उन कार्यों में रुचि या महत्वाकांक्षा की कमी जो कभी महत्वपूर्ण लगते थे
  • वास्तविक क्षमता के बावजूद अदृश्य या उपेक्षित महसूस करना
  • पद, पहचान या अर्जित भूमिका का अचानक खो जाना
  • पिता या वरिष्ठ व्यक्तियों से भावनात्मक दूरी
  • सांसारिक सफलता से असंतोष के साथ आध्यात्मिकता की ओर झुकाव

यह कवच ठीक इसी संयोजन के लिए एक पारंपरिक उपाय के रूप में पहना जाता है — जो केतु के अलगाव को शांत करता है और साथ ही सूर्य की शक्ति और उद्देश्य की भावना का पुनर्निर्माण करता है।

लोग सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच क्यों पहनते हैं

  • 🌑 ग्रहण दोष और केतु से संबंधित गड़बड़ी से राहत पाने के लिए
  • ☀️ आत्मविश्वास, गरिमा और आत्म-मूल्य के लिए सूर्य को मजबूत करने हेतु
  • 🧭 अपने लक्ष्यों के प्रति दिशा, उद्देश्य और रुचि बहाल करने के लिए
  • 🏛️ करियर और अधिकार संबंधी मामलों में पहचान और प्रगति का समर्थन करने के लिए
  • 👨👦 पिता या वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ संबंधों में दूरियों को कम करने के लिए
  • 🛡️ माँ दुर्गा के आशीर्वाद से साहस और निडरता का निर्माण करने के लिए
  • 🔮 केतु की ऊर्जा को विरक्ति के बजाय अंतर्ज्ञान और स्पष्टता की ओर निर्देशित करने के लिए

इसमें शामिल दो मनके

9 मुखी रुद्राक्ष (केतु) — माँ दुर्गा का मनका, जिसे साहस, सुरक्षा और निडरता के लिए पहना जाता है। इसे पारंपरिक रूप से केतु को शांत करने, भय और नकारात्मकता को दूर करने और अलगाव को रिक्तता के बजाय अंतर्दृष्टि में बदलने के लिए पहना जाता है।

12 मुखी रुद्राक्ष (सूर्य) — भगवान सूर्य का मनका। यह चमक, नेतृत्व, जीवन शक्ति, निडरता और हिचकिचाहट तथा कम आत्म-सम्मान से मुक्ति से जुड़ा है।

एक साथ पहने जाने पर, ये दो मनके दोष के दोनों पक्षों पर काम करते हैं — एक छाया को स्थिर करता है, दूसरा प्रकाश को पुनर्स्थापित करता है।

कवच के बारे में

चूंकि रुद्राक्ष एक प्राकृतिक बीज है, इसलिए प्रत्येक मनके का आकार, रंग, सतह की बनावट और मुखी रेखाओं का निर्माण थोड़ा भिन्न होता है। ये भिन्नताएँ प्रमाणिकता का संकेत हैं, न कि कोई दोष, और आपको प्राप्त होने वाला कवच दिखाई गई तस्वीरों से थोड़ा अलग दिख सकता है।

उत्पाद विवरण

विवरण जानकारी
उत्पाद का नाम सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच (9 और 12 मुखी संयोजन)
सामग्री 100% प्राकृतिक, अनुपचारित रुद्राक्ष मनके
मूल नेपाल
शामिल मनके 9 मुखी और 12 मुखी रुद्राक्ष
शासक ग्रह केतु और सूर्य
शासक देवता माँ दुर्गा और भगवान सूर्य
प्रमाणिकता लैब प्रमाणित — प्रमाण पत्र शामिल
उपयुक्तता पुरुष और महिलाएं
पहनने की शैली लाल/सफेद धागे या चेन में पेंडेंट

(कृपया ऑर्डर करने से पहले उत्पाद पृष्ठ पर सूचीबद्ध मनकों की संख्या, कैपिंग और धागे के विकल्पों की जांच करें।)

किसे पहनना चाहिए

  • कोई भी जिसकी जन्म कुंडली में सूर्य-केतु युति या ग्रहण दोष हो
  • केतु महादशा या अंतर्दशा से गुजर रहे लोग
  • जो लोग सक्षम महसूस करते हैं लेकिन दिशाहीन हैं, या जिन्होंने अपने लक्ष्यों में रुचि खो दी है
  • कोई भी जिसका काम वास्तविक क्षमता के बावजूद अनदेखा किया जाता है
  • करियर, अधिकार या सरकार से संबंधित मामलों में बाधाओं का सामना करने वाले लोग
  • जिनकी जन्म कुंडली में सूर्य कमजोर या पीड़ित है
  • कोई भी जो अपने पिता या वरिष्ठों से भावनात्मक दूरी का अनुभव कर रहा है

सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच कैसे पहनें

  1. एक शुभ दिन चुनें — रविवार, जो सूर्य का दिन है, की सबसे अधिक सिफारिश की जाती है। मंगलवार, जो केतु के उपायों से जुड़ा है, को भी उपयुक्त माना जाता है।
  2. कवच को शुद्ध करें — सुबह स्वच्छ जल या बिना उबले दूध से कवच को साफ करें, पोंछकर सुखाएं और कुछ देर के लिए अपने देवता या वेदी के सामने रखें।
  3. मंत्र से सक्रिय करें — पहली बार पहनने से पहले मनके के मंत्रों का 108 बार जाप करें। प्रत्येक रुद्राग्राम कवच पहले से ही हमारे पंडित जी द्वारा शुद्ध और सक्रिय किया जाता है, इसलिए यह एक अतिरिक्त व्यक्तिगत कदम है।
  4. इसे सही ढंग से पहनें — इसे पारंपरिक रूप से लाल या सफेद धागे में गले में, या चेन में चांदी की कैप के साथ पहना जाता है, जो हृदय के पास रहता है।
  5. नियमित रूप से पहनें — अधिकांश लोग इसे प्रतिदिन पहनते हैं, केवल विशिष्ट अनुष्ठानों के दौरान या व्यक्तिगत पसंद के अनुसार इसे हटाते हैं।

जाप और अभ्यास

9 मुखी रुद्राक्ष मंत्र: "ॐ ह्रीं हुं नमः" 12 मुखी रुद्राक्ष मंत्र: "ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः" केतु मंत्र: "ॐ कें केतवे नमः" सूर्य मंत्र: "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"

रोज सुबह उगते सूरज को जल चढ़ाना (सूर्य अर्घ्य) इस उपाय से सबसे निकटता से जुड़ा अभ्यास है। कई लोग रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र और मंगलवार को दुर्गा चालीसा का पाठ भी इस कवच को पहनने के साथ करते हैं।

देखभाल और रखरखाव

  • उपयोग के बाद मुलायम, सूखे कपड़े से धीरे से पोंछें; साबुन, इत्र और रसायनों से बचें।
  • हर कुछ महीनों में जैतून या सरसों के तेल की एक हल्की परत लगाएं ताकि मनके सूखें नहीं या चटकें नहीं।
  • लंबे समय तक पानी के संपर्क से बचें — तैरते समय या स्नान करते समय इसे उतार दें।
  • दूसरों को अपना कवच न पहनने दें; रुद्राक्ष को पारंपरिक रूप से एक व्यक्तिगत वस्तु माना जाता है।
  • न पहनने पर स्वच्छ कपड़े की थैली में या अपनी पूजा स्थल पर रखें।

RudraGram क्यों चुनें

  • ✅ 100% मूल नेपाली रुद्राक्ष — प्रमाणिकता प्रमाण पत्र के साथ लैब प्रमाणित
  • ✅ मथुरा-वृंदावन के पंडित जी द्वारा शुद्ध और सक्रिय
  • ✅ पूरे भारत में मुफ्त शिपिंग, COD उपलब्ध
  • ✅ पात्र वस्तुओं पर 7-दिन की आसान रिटर्न सुविधा
  • ✅ 20,000+ ग्राहकों द्वारा विश्वसनीय

प्रश्नों के लिए, हमें WhatsApp पर +91-8193014001 पर संपर्क करें या info@rudragram.com पर ईमेल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य-केतु ग्रहण दोष कवच क्या है? यह 9 मुखी और 12 मुखी मनकों से बना एक रुद्राक्ष संयोजन है, जो केतु और सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है। इसे पारंपरिक रूप से ग्रहण दोष के उपाय के रूप में पहना जाता है — जो जन्म कुंडली में केतु के सूर्य के साथ बैठने पर ग्रहण जैसा संयोजन बनता है।

विशेष रूप से 9 मुखी और 12 मुखी ही क्यों? 9 मुखी रुद्राक्ष केतु द्वारा शासित है और उसे शांत करने के लिए पहना जाता है, जबकि 12 मुखी सूर्य द्वारा शासित है और उसे मजबूत करने के लिए पहना जाता है। यह संयोजन दोष में शामिल दोनों ग्रहों को संबोधित करता है।

यह सूर्य-राहु ग्रहण दोष कवच से कैसे अलग है? दोनों सूर्य को मजबूत करते हैं, लेकिन छाया ग्रह समस्या की प्रकृति को बदल देता है। राहु भ्रम और अति-महत्वाकांक्षा पैदा करता है — स्वयं के आसपास बहुत अधिक शोर। केतु अलगाव, अरुचि और दिशाहीनता की भावना पैदा करता है — बहुत कम। अपनी कुंडली में सूर्य के साथ बैठे छाया ग्रह के आधार पर या इस आधार पर चुनें कि कौन सा पैटर्न आपके अनुभव से मेल खाता है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे ग्रहण दोष है? इसकी पहचान आपकी जन्म कुंडली से होती है, आमतौर पर सूर्य-केतु युति से। कृपया केवल लक्षणों के आधार पर मान लेने के बजाय किसी जानकार ज्योतिषी से अपनी कुंडली की जांच करवाएं।

क्या मैं इसे पहन सकता हूँ यदि मैं केवल अपने सूर्य को मजबूत करना चाहता हूँ? हाँ। कई लोग आत्मविश्वास, स्पष्टता और पहचान के लिए बिना किसी पुष्ट दोष के भी इस संयोजन को पहनते हैं, क्योंकि दोनों मनके उन उद्देश्यों के लिए स्वतंत्र रूप से भी पहने जाते हैं।

मनके कहाँ से प्राप्त किए जाते हैं? सभी मनके नेपाल से प्राप्त किए जाते हैं, जिन्हें आम तौर पर छोटे जावा किस्म की तुलना में उनके बड़े आकार और गहरी, स्पष्ट रूप से अलग मुखी रेखाओं के लिए प्राथमिकता दी जाती है।

मुझे इसे किस दिन पहनना शुरू करना चाहिए? रविवार की सबसे अधिक सिफारिश की जाती है क्योंकि यह सूर्य द्वारा शासित है। मंगलवार, जो केतु के उपायों से जुड़ा है, को भी उपयुक्त माना जाता है।

क्या कवच भेजने से पहले सक्रिय किया जाता है? हाँ, हर कवच आप तक पहुंचने से पहले हमारे पंडित जी द्वारा उचित मंत्र अनुष्ठानों के माध्यम से शुद्ध और सक्रिय किया जाता है।

क्या महिलाएं यह कवच पहन सकती हैं? हाँ। इस संयोजन को पहनने के लिए लिंग या आयु पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

क्या मैं इसे अपने अन्य रुद्राक्ष या ब्रेसलेट के साथ पहन सकता हूँ? हाँ, इसे आमतौर पर अन्य रुद्राक्ष वस्तुओं के साथ पहना जाता है। यदि कई उपायों को मिला रहे हैं, तो एक बार में बहुत सारी चीजें पहनने के बजाय संयोजन को सरल और अर्थपूर्ण रखें।

क्या कवच फोटो जैसा ही दिखेगा? चूंकि रुद्राक्ष एक प्राकृतिक उत्पाद है, इसलिए आकार, छाया और मुखी रेखाओं में मामूली अंतर सामान्य है और वास्तव में प्रमाणिकता की पुष्टि करते हैं।

क्या इसे पहनते समय पालन करने के लिए कोई नियम हैं? कुछ परंपराएं स्नान करते समय, सोते समय या मांसाहारी भोजन के दौरान रुद्राक्ष को हटाने का सुझाव देती हैं। जो आपके व्यक्तिगत अभ्यास और पारिवारिक परंपरा के अनुकूल हो, उसका पालन करें।

क्या यह उपहार के रूप में उपयुक्त है? हाँ, इसे अक्सर कठिन केतु अवधि से गुजर रहे किसी व्यक्ति को, या किसी झटके के बाद आत्मविश्वास का पुनर्निर्माण करने वाले किसी व्यक्ति को उपहार में दिया जाता है।

इस उत्पाद के लिए आपकी शिपिंग और वापसी नीति क्या है? हम पूरे भारत में मुफ्त शिपिंग (4-5 कार्य दिवस) प्रदान करते हैं; अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग चेकआउट पर गणना की जाती है। चूंकि यह एक प्राकृतिक सामग्री और पवित्र उत्पाद है, इसलिए रिटर्न केवल नुकसान, दोष या गलत वस्तु के मामले में 7 दिनों के भीतर स्वीकार किए जाते हैं — पूर्ण विवरण के लिए हमारी रिफंड नीति और शिपिंग नीति देखें।

नोट: यह कवच व्यक्तिगत विश्वास और भक्ति अभ्यास के लिए उपयोग किया जाने वाला एक पारंपरिक आध्यात्मिक और ज्योतिषीय उपाय है। व्यक्तिगत अनुभव भिन्न हो सकते हैं, और यह जीवन की गंभीर चिंताओं के लिए पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है।

पूरा विवरण देखें

Delivery across India

See shipping policy for details

Customer support

Contact our support team

100% Secure Payments

COD/UPI/CARDS

Indian spiritual traditions

Products for everyday devotion

Customer Reviews

Overall rating: 4.9 / 5 from 16 reviews.

Frequently asked questions.

Find answers to common questions about our sacred products

  • Yes, every Rudraksha, gemstone, and mala at RudraGram is sourced from trusted origins and comes with an authenticity/lab certification (where applicable), so you can verify quality and genuineness.

  • Selection generally depends on your birth chart, zodiac sign, or the specific life area you want to strengthen (health, wealth, relationships, career). We recommend consulting an astrologer, or you can message our team for guidance before purchasing.

  • Yes, most Rudraksha, yantras, and kavach items require energization through proper mantra rituals before wearing or placing them.

  • Each product comes with usage guidelines (thread/chain type, which hand or day to wear it, placement direction for yantras, etc.). A detailed instruction card/guide is included with your order.

  • Most items can be worn daily; however, some traditions suggest removing certain malas/beads during specific activities (bathing, sleeping, non-vegetarian meals, etc.). Specific dos and don'ts are listed in the product description.

  • Natural Rudraksha beads have slight variations in size, texture, and mukhi lines since they come directly from nature, while lab-certified ones carry an official report confirming their authenticity, origin, and mukhi count.

  • For current dispatch and delivery estimates, shipping charges and international delivery availability, please see our shipping policy or contact RudraGram before ordering.

  • Since these are sacred/religious products, we accept returns only in case of damage, defect, or wrong item received within 7 days of receiving the product — please refer to our return policy page for full details.

  • Wipe gently with a soft, dry cloth after use; avoid direct contact with soap, perfume, or chemicals, and store in a clean pouch when not wearing it to preserve its energy and shine.

  • Yes, applicable products (gemstones, certified Rudraksha) are shipped with an authenticity certificate; for other items, product details and sourcing information are shared on the listing itself.

You may also like