श्री यशोदालाल आरती | श्री यशोदालाला आरती

॥ श्री यशोदालाल आरती ॥

आरती करत यशोदा प्रमुदित,फूली अङ्ग न मत।
बल-बल कहि दुरवतानंद मगन भय पुलकत्॥

सुवर्ण-थार रत्न-दीपावलीचित्रित घृत-भीनी बात।
कल सिन्दूर डूब दधिअच्छत तिलक करत बहु भाँत॥

अन्न चतुर्विध बिबिधभोग दुन्दुभि बाजत बहु जात।
नाचत गोप कुमकुमाछिरकात देत पूर्ण प्रतियात्॥

बरत कुसुम निकर-सुर-नर-मुनि वृज्जुवती मस्कट।
कृष्णदास-प्रभुधर गिर कोमुख निरख लजत ससि-कान्त॥
ब्लॉग पर वापस जाएं
  • Vyapar Kavach 100% natural and government lab certified for purchase. Buy Kavach online for protection and blessings.

    कवच

    रुद्रग्राम में कवच संग्रह के आध्यात्मिक सार की खोज करें, जहाँ परंपरा... 

  • Vibrant spiritual yantras online showcasing a geometric design energized by Pandit Ji

    यंत्रों

    रुद्रग्राम पर आध्यात्मिक यंत्रों के हमारे विशेष संग्रह को ऑनलाइन देखें, जहाँ... 

  • Vibrant collection of certified gemstones online featuring various colors and types for spiritual practices

    रत्न शामिल हैं

    रुद्रग्राम के साथ ऑनलाइन प्रमाणित रत्नों की जीवंत दुनिया की खोज करें।... 

  • Exclusive collection of natural Nepali Rudraksha beads, showcasing their unique designs and sacred significance

    रूद्राक्ष

    रुद्रग्राम में प्राकृतिक नेपाली रुद्राक्ष मालाओं का संग्रह खोजें, जहाँ आध्यात्मिक विकास... 

  • Japa Mala collection featuring 100% natural, certified malas for meditation to buy japa mala online

    जप माला

    रुद्रग्राम पर आध्यात्मिक उपकरणों का बेहतरीन संग्रह पाएँ। हमारा 'जप माला ऑनलाइन... 

1 का 5