रुद्राक्ष पहनने के नियम: सोते समय, नहाते समय और मांसाहार को लेकर 7 आम सवालों के जवाब

रुद्राक्ष धारण करने का फ़ैसला करने के बाद सबसे ज़्यादा सवाल उसके नियमों को लेकर आते हैं। घर के बड़े कुछ कहते हैं, इंटरनेट कुछ और। नीचे हमने वे 7 सवाल लिए हैं जो हमारे ग्राहक हमसे सबसे ज़्यादा पूछते हैं, और उनके जवाब परंपरा व व्यावहारिक समझ के आधार पर दिए हैं।

1. रुद्राक्ष किस दिन और कैसे धारण करें?

परंपरा में सोमवार का दिन, विशेषकर सुबह स्नान के बाद, रुद्राक्ष धारण करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और प्रदोष भी शुभ अवसर माने जाते हैं। धारण करने से पहले रुद्राक्ष को गंगाजल या साफ़ पानी से धोएँ, शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर के सामने रखें और "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जाप करके पहनें।

2. क्या सोते समय रुद्राक्ष उतारना ज़रूरी है?

कई परंपराओं में सोते समय रुद्राक्ष उतारकर पूजा स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। इसका एक व्यावहारिक कारण भी है: सोते समय धागा खिंचकर टूट सकता है और दाने को नुकसान पहुँच सकता है। अगर आप उतारते हैं, तो सुबह स्नान के बाद मंत्र के साथ फिर से पहन लें।

3. क्या नहाते समय रुद्राक्ष पहन सकते हैं?

सादे पानी से कोई नुकसान नहीं है। लेकिन साबुन, शैम्पू और केमिकल से रुद्राक्ष सूख सकता है और उसमें दरार आ सकती है। इसलिए बेहतर है कि नहाने से पहले उतार दें, या नहाने के बाद साफ़ पानी से धोकर पोंछ लें।

4. मांसाहार या शराब लेते समय क्या करें?

पारंपरिक मान्यता है कि रुद्राक्ष पहनकर मांसाहार और शराब से बचना चाहिए। अगर आप इनका सेवन करते हैं, तो उस समय रुद्राक्ष उतारकर किसी साफ़ जगह पर रख दें। यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है, इसलिए अपने परिवार की परंपरा या पंडित जी की सलाह को प्राथमिकता दें।

5. क्या महिलाएँ रुद्राक्ष पहन सकती हैं?

हाँ। शास्त्रों में महिलाओं के रुद्राक्ष पहनने पर कोई रोक नहीं है। मासिक धर्म के दौरान पहनने को लेकर अलग-अलग परिवारों में अलग मान्यताएँ हैं। इस विषय पर हमारा विस्तृत लेख पढ़ें: Can Women Wear Rudraksha?

6. क्या किसी और का पहना हुआ रुद्राक्ष पहन सकते हैं?

परंपरा में माना जाता है कि रुद्राक्ष पहनने वाले की ऊर्जा से जुड़ जाता है, इसलिए अपना रुद्राक्ष किसी और को पहनने के लिए नहीं देना चाहिए। जप माला के लिए भी यही नियम माना जाता है।

7. रुद्राक्ष की देखभाल कैसे करें?

  • हर 1-2 महीने में मुलायम ब्रश से धूल साफ़ करें।
  • साफ़ करने के बाद थोड़ा सरसों या चंदन का तेल लगाएँ, ताकि दाना सूखे नहीं।
  • धागा कमज़ोर दिखे तो समय पर बदल दें।
  • परफ़्यूम और केमिकल से दूर रखें।

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आपका कोई और सवाल है? कमेंट में लिखें या हमें WhatsApp करें। चुने हुए सवालों के जवाब हम अपने अगले लेख और वीडियो में देंगे।

नोट: ये नियम पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग संप्रदायों और परिवारों में नियम अलग हो सकते हैं।

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